देशद्रोही नहीं मोदी विरोधी हूं : कन्‍हैया

लुधियाना । दीप जगदीप सिंह : जेएनयू के स्‍टूडेंट नेता कन्‍हैया कुमार ने आज स्‍थानीय पंजाबी भवन में आयोजित की गई विचार चर्चा के दौरान दोहराया कि वह देशद्रोही नहीं बल्‍कि मोदी विरोधी हूं। वह सोशल थिंकर्ज़ फोरम एवं पंजाबी साहित्‍य अकादमी द्वारा महंगी शिक्षा, घटते रोज़गार विषय पर विचार चर्चा के दौरान बोल रहे थे।
 
पहली बार पंजाब में संबोधत करते हुुए कन्‍हैया ने भगत सिंह, करतार सिंह सराभा, क्रांतिकारी कवि पाश का बार-बार हवाला देते हुए अपनी लड़ाई को आर-पार की लड़ाई बताया। उन्‍होंने कहा कि वह नारे तो लगाते हैं लेकिन देश के ख़िलाफ नहीं बल्‍िक उन नेताओं के ख़िलाफ नारे लगाता हों जो देश की जनता से गद्दारी कर रहे हैं। उन्‍होंने मोदी भक्‍तों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी जी इंडिया नहीं है, वह आपके लिए होंगे, हमारे लिए देश के सवा सौ करोड़़ लोग इंडिया हैं। मैं एंटीनेशन नहीं एंटी मोदी हूं और मुझे इस बात का गर्व है। उन्‍होंने कहा कि वह केवल एक व्‍यक्‍ति केे खिलाफ नहीं है, बल्‍कि भारत की लोकतंत्र की परंपरा के हक में लड़ रहा हूं। जब सरकार वादा करके बनती है और वह वादे पूरे ना हो तों लोगों के साथ उससे सवाल पूछना ही मेरी लड़ाई है़।

दो दिन पहले कन्‍हैया के लुधियाना आने की ख़बर आते ही पंजाबी भवन के आसपास तनाव का माहौल बना हुआ था। लुधियाना बार एसोसिएशन से जुड़े कुछ वकीलों ने उनके लुधियाना आने के विरोध में प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। जिससे देखते हुए सुबह से पंजाबी भवन को छावनी में तब्‍दील कर दिया गया। करीब 12 बजे कन्‍हैया के पंजाबी भवन पहुंचने  के बाद सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई। पंजाबी भवन की ओर आती सड़क पर बैरीकेट लगा कर प्रदर्शनकारी वकीलों को रोक दिया गया, जिन्‍होंने वहीं पर धरना दिया। कुछ देर उन्‍हें पुलिस वैन में बिठा कर पुलिस ले गई।

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खचाखच भरे पंजाबी भवन केे सेमीनार हाल में कन्‍हैंया ने करीब एक घंटा मोदी सरकार और शिक्षा की सरकारी नीतियों पर ताबड़तोड़ हमले किए। उससे पहले वरिष्‍ठ शिक्षाविद डॉ. तरसेम बाहिया ने संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की प्राईवेट यूनिवर्सिटीज़ द्वारा नियमों को ताक पर रख कर बांटी जा रही डिग्रियों के बारे में जानकारी दी। उन्‍होंने आंकड़ों के साथ बताया कि किस तरह पंजाब की सरकारी शिक्षा नीति से निचला और मध्‍य वर्ग लगभग गायब होता जा रहा है और शिक्षा का व्‍यपारीकरण भयावह रूप ले चुका है। उन्‍होंने ज़ोर देकर कहा कि इस शिक्षा प्रणाली में करोड़ों रूपए खर्च करने के बावजूद यूवा रोज़गार योग्‍य नहीं बन पा रहे हैं। इसके साथ ही उन्‍होंने केंद्र सरकार द्वारा गुपचुप तरीके से बनाई जा रही नई शिक्षा नीति के जनविरोधी पहलुओं का ज़िक्र किया।

कन्‍हैया को देखने के लिए युवाअों से लेकर विद्वानों तक में उत्‍सुकता देखने को मिली। युवा और विद्वान दोनों ही कन्‍हैया के साथ फोटो खिचवाते हुए नज़़र आए। इस मौके पर डॉ. अरूण मित्रा, डॉ. सुरजीत, डॉ. सुखदेव सिंह और अमरजीत कौर ने शिक्षाा नीति के विभिन्‍न पहलुओं पर विचार रखे।

कन्‍हैया कुमार की पूरी स्‍पीीच के वीडियो नीचे देखें-








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