कम नींद से हो सकता है दिल के ख़तरा

नींद की कमी हो सकती है गंभीर दिल के रोगों का कारण
83 प्रतिशत दिल के रोगियों को होता है स्लीप एपनिया। 

स्लीप एपनिया नींद का एक विकार है जिसमें सांस में रूकावट आने से नींद टूट जाती है। इससे पीड़ित गंभीर व्यक्ति एक घंटे में पांच से तीस बार सांस रूक सकती है। पांच में से एक व्यस्क
 
मध्यम स्लीप एपनिया से पीड़ित होते हैं, यह महिलाओं की तुलना में पुरूषों को ज़्यादा प्रभावित करता है। सबसे आम समस्या आॅबस्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया है, जिसमें छाती के ऊपरी हिस्से और गर्दन पर वज़न पड़ने से सांस में रूकावट पैदा हो जाती है और नींद खुल जाती है।

इस बारे में जानकारी देते हुए आईएमए के नैशनल प्रेसीडेंट इलेक्ट एंव एचसीएफआई के प्रेसीडेंट डॉ केके अग्रवाल ने बताया कि समय के साथ नींद पूरी ना होने की वजह से दिल के रोगों की समस्या का खतरा बढ़ सकता है। थोड़े समय के लिए नींद की कमी से हाई कोलेस्ट्रोल, हाई ट्रिग्लिसेराईड्स और हाई ब्लड प्रैशर का कारण बन सकती है। स्लीप एपनिया में आॅक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और दिमाग तुरंत सांस लो का संदेश भेजता है। जिससे सोते हुए व्यक्ति की नींद खुल है और वह गहरी सांस लेने लगता है। इस दौरान वही नाड़ी तंत्र सक्रिय हो जाता है जो गुस्से या डर के समय सक्रिय होता है। दिल की धड़कन और ब्लड प्रैशर बढ़ जाते हैं, जिससे अन्य समस्याओं के साथ दिल में जलन और ब्लड क्लाॅटिंग जैसी समस्या हो सकती है। 

low sleep heart attack


स्लीप एपनिया में सांस में रूकावट इस लिए आती है क्यूंकि शरीर में आॅक्सीजन का स्तर कम हो जाता है और दिमाग को चेतावनी देने वाले तत्व चेतंन हो जाते हैं। फिर दिमाग इस कमी को पूरा करने के लिए तेज़ी से काम करने लगता है। समस्या यह है कि यह प्रणाली दिन में भी काम करती है जिससे ब्लड प्रैशर बढ़ता है जो कि दिल के रोगों, स्ट्रोक, हार्ट अटैक और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बनता है।


डाॅ अग्रवाल बताते हैं कि लगातार सकारात्मक हवा मार्ग दबाव थैरेपी मरीज़ के लिए मददगार साबित हो सकती है और गंभीर स्वास्थय समस्या होने से बचा सकती है। इस पद्धति का नियमित रूप से हर रात प्रयोग करने से यह दिल पर दबाव कम करती है। अगर आप में आर्टियल फिब्रिलेशन की समस्या हो तो यह पद्धति अनियिमित धड़कन को संतुलित करने में भी मदद कर सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान-
  • दिन में नियमित रूप से 30 मिनट कसरत करें, लेकिन रात में सोने से पहले कसरत ना करें।
  • शराब का सेवन कम से कम करें, ज़्यादा शराब नींद में रूकावट बनती है।
  • सोने से पहले कैफ़ीन का सेवन ना करें।
  • सोने से पहले गर्म पानी से नहाना, रौशनी कम करना और हर्बल चाय पीने आदि आदतें डालें।


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